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सच्ची कहानी..., real story, madhur kahaniyaan,

*🌹सच्ची कहानी...🌹*


 *लेकिन.. काफी दिलचस्प!*




*एक दिन, एक सज्जन धोती और शॉल ओढ़े हुए चेन्नई में समुद्र तट पर बैठकर भागवत गीता का पाठ कर रहा था।*


*उसी समय एक लड़का वहाँ आया और उनसे कहा: "क्या आप आज भी इस अंतरिक्ष युग में ऐसी किताब पढ़ते हैं? देखो, इस समय हम चाँद पर पहुँच गए हैं। और आप अभी भी गीता और रामायण पर अटके हुए हैं!"*


*सज्जन ने लड़के से पूछा: "गीता के बारे में तुम क्या जानते हो?"*


*लड़के ने सवाल का जवाब नहीं दिया और उत्साह से कहा: "यह सब पढ़कर क्या होगा? मैं तो विक्रम साराभाई अनुसंधान संस्थान का छात्र हूं,*

 *मैं एक वैज्ञानिक हूं ... गीता पाठ किसी काम का नहीं है।"*


*लड़के की बातें सुनकर वह सज्जन हंस पड़े। तभी दो बड़ी गाड़ियाँ वहाँ आकर रुकीं।*


 *एक कार से दो ब्लैक कमांडोज और दूसरी से एक सिपाही नीचे उतरे।*

  *सिपाही के वेश में उसने बड़ी कार का पिछला दरवाजा खोला, सलामी दी और दरवाजे के पास खड़ा हो गया।*

*वह सज्जन जो गीता का पाठ कर रहे थे, धीमी गति से कार में चढ़कर बैठ गए।*


*यह सब देख लड़का हैरान रह गया। मुझे लगा कि वह आदमी कोई प्रसिद्ध व्यक्ति होगा। किसी को न पाकर, वह लड़का तेज़ी से दौड़कर उनके पास गया और पूछा,*


 *''सर...सर...आप कौन हैं?''*


*सज्जन बहुत धीमी आवाज में बोले: "मैं विक्रम साराभाई हूं।"*


*लड़का हैरान सा रह गया जैसे उसे ४४० वोल्ट का झटका लगा हो।*

 


*क्या आप जानते हैं यह लड़का कौन था?*

 

*वह था डॉ अब्दुल कलाम।*

 

*उसके बाद डॉ. कलाम ने भगवत गीता को पढ़ा।*


 *रामायण, महाभारत और अन्य वैदिक पुस्तकें भी पढ़ी। और गीता पढ़ने के परिणामस्वरूप, डॉ कलाम ने जीवन भर नानवेज नहीं खाया।*

 *उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखा है, गीता एक विज्ञान है।*

 *गीता, रामायण, महाभारत भारतीयों की अपनी सांस्कृतिक विरासत का एक बड़ा गर्व का विषय है।*


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*अपनी सांस्कृतिक विरासत को पढ़ना उसका पालन करना और उसको आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य ह। अतः पाश्चात्य संस्कृति के चक्र में अपना जीवन खराब करने की बजाय अपनी संस्कृति से जुड़े रहने में ही भलाई ह।।*


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*🙏जय श्री राम -जय श्री कृष्णा🙏* 


*अजीब डर का माहौल है बीबी खाने में नमक डालना भूल गई और उधर पति टेंशन में आ गया कि खाने में स्वाद नहीं आ रहा डर गया बिना कुछ कहे आफिस निकल लिए,*
 *इधर बीबी टेंशन में आ गयी कि बिना पूरा खाना खाये निकल गए बाद  में उसने जब खाना टेस्ट किया तो नमक नही था*
 *बीबी भी डर गई की कही गुस्से में तो नही चले गए।*
*उधर पति का पूरे दिन आफिस में टेंशन में गुजर गया शाम में घर आया और खुद को बिना बोले रिजर्व कर लिया और बीबी को बोला की लगता है कोरोना हो गया*
 *बीबी भी डर गई  पूछने पर पति बोला फीवर जैसा लग रहा है*
 *तुमलोग दूर रहो अफरा तफरी का माहौल मच गया,*
 *घर मे सभी डर गए फिर क्या था फीवर फीवर सोचते सोचते शरीर का तापमान भी बढ़ गया थरमामीटर भी 99 से ऊपर दिखाने लगा*
 *गला भी रुंधा हुआ महसूस होने लगा गरम पानी से गरारे शुरू हो गए किसी तरह रात के 10 बजे,*
 *बीबी ने खूब गरम गरम स्वादिष्ठ भोजन पनीर की शब्जी के साथ परोसा - पर पति तो पहले से ही टेंशन में था - की अब क्या स्वादिष्ट भोजन जब टेस्ट ही नही रहा*
 *किसी तरह थाली अपनी तरफ खीचकर पहला निवाला मुँह में डाला*
 *पनीर का टेस्ट आते ही उछल पड़े और बोले अरे भाग्यवान सुनती हो स्वाद आ गया स्वाद आ गया*
*लगता है कोरोना छू के निकल लिया भगवान का लाख लाख शुक्र है*
 *बीबी को आश्चर्य हुआ फिर पति ने सुबह की घटना सुनाई बीबी को सारा माजरा समझ मे आ गया पर वो चुपचाप रही और पति के साथ वो भी भगवान का शुक्र अदा करने लगी,*
 *पति के शरीर का तापमान भी तब तक नॉर्मल हो गया था और घर का माहौल भी।*
*गब्बर ने ठीक ही कहा था*
*"जो डर गया वो मर गया "*
*जियो जिंदगी टेंशन फ्री।।*


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